eRUPI क्या है कैसे काम करता है | What is e-RUPI

हेलो दोस्तो स्वागत है आपका The24hindi पर। दोस्तो बदलते वक्त के साथ हमारे लेन देन की प्रक्रिया भी बदलती जा रही है, जहाँपर पहिले किसी चीज को खरीदने के लिए वास्तविक रूप से पैसे दिए जाते थे। लेकिन आजके जमाने मे हैम उस ही चीज को खरीदने के लिए डिजिटल रूप से पैसे देते है। और हाल ही में भारत सरकार ने एक नए Payment Getaway को launch किया है जिसे e-RUPI नाम दिया गया है। तो चलिए जानते है eRUPI क्या है कैसे काम करता है।

 

दोस्तो eRUPI क्या है कैसे काम करता है जानने से पहीले जानते है कि जब Corruncy नही थी तब कैसे Value Exchange हुआ करता था।

 

पुराने ज़माने में किसी वस्तु के बदले वस्तु को ही आपस मे बदला जाता था। जैसे कि मानलेते है मुझे आपसे चावल चाहिए और आपको मुझसे Apple चाहिए तो हम दोनों आपस मे इस चीज को exchange कर सकते है।

eRUPI kya hai kaise or kam karta hai

लेकिन इस पुराने value exchange में बोहत सारे Problem अथिति जैसे कि मुझे आपसे Apple चाहिये और उसके बदले में आपको में Rice दूंगा परंतु आपको Apple के बदले चावल नही चाहिए तो ये Deal नही हो पाती थी।

इस ही Problem को Solve करने जे लिए Gold Exchange का अविष्कार किया गया जिसमें की किसी चीज यानिकि object के बदले Gold को Exchange किया जाता था।

जैसे की मानलेते है मुझे आपसे एक फल की बोरी लेनी है तो उस फल के बोरी बदले में आपको में थोडासा सोना यानी कि Gold दूंगा। वैसे देखा जाए तो यह Exchange अच्छा था परंतु इसमे भी कुछ परेशानी आती थी।

इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी परेशानी यह अति थी कि हर कोही अपने साथ सोना लेकर नही घूम सकता था, दूसरा अगर किसीको थोडासा समान लेना हो तो उसे एक्सचेंज करने के लिए उस सोनेको छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ना पड़ता था जोकि बोहत ही मेहनत वाला काम था।

इन ही सारे Problem को solve करने के लिए Currency System को लाया गया जिसे की आज भी हम यूज करते है। लेकिन धीरे धीरे इस System को digital किया जारहा है। जिसे की आप UPI के नाम से जानते है। और आप यूज भी करते होंगे।

अगर आप UPI को यूज़ करते है तो आपको लगता होगा eRUPI भी UPI के तर ही काम करता है। लेकिन यैसा नही eRUPI यह UPI का एक Advance Version है। तो चलिए समझते है eRUPI क्या है कैसे काम करता है

 

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eRUPI क्या है कैसे काम करता है

दोस्तों जैसा कि  आप जानते हैं कि आजकल पूरा काम डिजिटल रूप से हो रहा है इसलिए डिजिटल इंडिया बनाने के लिए हमारे सरकार ने यानी मोदी जी ने एक नया प्लेटफार्म जारी किया है उसका नाम है ई- रूपी

 

यह  ई- रूपी जो है की UPI के तरह ही काम करेगा क्योंकि सबसे पहले यूपीआई आया था यह 11 अप्रैल 2016 को आया था इसके आने के बाद सभी जगह ऑनलाइन पेमेंट होना शुरू हो गया था यूपीआई के माध्यम से आप आसानी से घर बैठे बिना बैंक जाए अपने पैसे को इधर से उधर ट्रांसफर कर देते थे।

इससे पहले क्या होता था कि हमें थोड़ा सा भी पैसा निकालना हो तो बैंक या एटीएम जाना पड़ता था पर अब ऐसा नहीं है आज के समय में आप चाहे जहां पर भी हो यदि आपके पास कैश उपलब्ध नहीं है आपके पास टाइम नहीं है तो आप अपने स्मार्टफोन के इस्तेमाल से लेन देन कर सकते हो।

इसमे आपको एक एक क्यूआर कोड भी आता है अब इस क्यूआर कोड को आसानी से स्कैन करके पेमेंट किया जा सकता है वह भी बिल्कुल सुरक्षित किया जा सकता है।

इसमें आपको थोड़ा भी डर नहीं लगता कि पैसा कहां चला जाएगा यदि पैसा आपका रुक भी जाता है तो आपको  कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल करना होता है और फिर वह कंपनी आपके पैसे को 2 या 3 दिन में रिटर्न कर देती है।

कॉल उसी कंपनी को करना पड़ता है जिस कंपनी के द्वारा पेमेंट की गयी होती हैं जैसे पेटीएम हो गया ,गूगल पेय, जैसी बहुत सी कंपनी है जो  ऑनलाइन पेमेंट करती हैं।

लेकिन दोस्तो ई- रूपी एकदम यूपीआई के तरह ही होगा लेकिन यह पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा, यह एकदम यूनिक होगा इससे चोरी नहीं हो पाएगी चलिए हम आपको बताते हैं कि यह काम कैसे करता है।

 

eRUPI कैसे काम करता है

आइए हम इस लेख के माध्यम से समझते हैं कि eRUPI क्या है कैसे काम करता है

यह जो है कि UPI की तरह ही होता है लेकिन यह यूपीआई का एडवांस वर्जन है अगर देखा जाए तो दोनों अलग-अलग चीजें हैं। लेकिन काम वही करते हैं। इन दोनों को इंडिया के एक ही कंपनी ने बनाया है जिसका नाम है NPCI

इन दोनों का कंट्रोल एमपीसीआई के पास है एनपीसीआई का पूरा नाम नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया है। आप जितना भी पैसा ट्रांसफर करते हैं इधर-उधर भेजते हैं सब एनपीसीआई के अंतर्गत ही आता है एनपीसीआई ही सब कुछ कंट्रोल करता है।

इसमें क्या होता है की जब भी आपको कोई कंपनी या सरकार आपको कोई सुविधा देना चाहेगी तो आपके मोबाइल पर आपको एक QR या SMS भेजेगी।

क्यूआर का मतलब होता है quick response इसका मतलब जैसे ही आपका क्यूआर कोई स्कैन करेगा तुरंत ही पेमेंट हो जाएगा मतलब यह बहुत ही सुपर फास्ट पेमेंट करने का माध्यम है।

लेकिन यदि जिसके पास स्क्रीन टच मोबाइल नहीं है जिसके पास कीपैड मोबाइल है उसके मोबाइल फोन पर एक एसएमएस जाएगा सरकार या कंपनी उस व्यक्ति के मोबाइल पर एक s.m.s. भेजेगी उस s.m.s. में एक कोड आएगा आप जिसे उस कोड को दुकान वाले को देंगे वह आपको वह सुविधा देगा जिसे सुविधा के लिए आपके पास पैसा आया होगा एसएमएस का पूरा नाम शार्ट मैसेज सर्विस होता है।

इन दोनों के माध्यम से आपका पेमेंट जल्दी और आसानी से हो जाता है।

 

आइए हम आपको उदाहरण से समझाते हैं कि यह काम कैसे करता है

पहले क्या होता था कि सरकार हमें जब भी कोई चीज देना चाहती  थी तो सरकार के पास दो ही रास्ते थे या तो वह सामान जो देना चाहती है वह दे या फिर पैसा दे इस वजह से आम लोगों के पास जो सरकार सुविधा देती थी वह पूरी तरह से पहुंच ही नहीं पाती थी।

यदि सरकार आपको किताब देना चाहती है तो सरकार के पास दो ही रास्ते थे या तो सरकार आपको किताब दे या फिर किताब के बदले आपको पैसे दे, लेकिन वह भी जब वहां से आते आते  जिन्हें किताब मिलनी  होती थी उन्हें मिलती ही नहीं थी।

इसलिए सरकार ने ई- रूपी  का निर्माण करवाया।

ई- रूपी से सरकार आपको एक qr-code देगी और एक मैसेज देगी जिसके माध्यम से आप डायरेक्ट अपनी सुविधा पा सकते हैं लेकिन अब आप अपने क्यूआर से पैसा बाहर नहीं निकाल सकते हैं जिस काम के लिए आपको क्यूआर मिलेगा सिर्फ उसी काम के लिए उस QR का यूज कर सकते हो।

देखिए पहले क्या होता था कि जब सरकार की सुविधा के लिए आपको पैसे देती थी तो जो भी पैसा आपको मिलता था लोग दूसरे कामों में उसका इस्तेमाल कर लेते थे।

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा आपको जिस भी काम के लिए qr-code या SMS मिला है जैसे की एजुकेशन खेती दवाई जिस भी फील्ड के लिए आपको क्यूआर मिलेगा उसी फील्ड में उस क्यूआर को आप यूज कर पाओगे।

आइए हम आप को समझाएं कि यह QR काम कैसे करता है?

जैसे मान लीजिए कि सरकार ने आपको एजुकेशन के लिए एक क्यूआर कोड भेजा है तो उसमें कुछ फिक्स मनी होती है वह सरकार तय करती है जैसे यदि आपने 50000 के योजना के लिए अप्लाई किया है तो आपको अब ₹50000 कैश के बदले क्यूआर कोड दिया जाएगा जो कि 50000 का होगा।

अब इस क्यूआर का यूज करने के लिए आप जब तक किसी एजुकेशन डिपार्टमेंट में या कॉलेज स्कूल में इस क्यूआर कोड को नहीं लेकर जाते तब तक आप इस qr-code का यूज नहीं कर सकते हैं।

जो आपको qr-code मिला होता है सरकार वह क्यूआर कोड देश के सभी एजुकेशन वाली जगह पर भेज देती है जिससे जब आप कहीं पर एडमिशन लेते हैं या किताबें खरीदते हैं तो आप अपना क्यूआर कोड वहां पर स्कैन करा कर वहां से पेमेंट कर सकते हैं।

हम आपको बताते हैं कि जब कोई भी क्यूआर कोड आपको भेजा जाता है तो जिस भी फील्ड में काम  के लिए आपको QR भेजा जाता है सरकार तीन क्यूआर कोड बनाती है एक

तो पूरे देश में  जितनी भी उस फील्ड की कंपनी दुकान जो भी है वहां पर एक QR को भेज दिया जाता है और दूसरा आपके पास भेजा जाता है और तीसरा एनपीसीआई के पास होता है।

जिससे यदि आप उस क्यूआर कोड का इस्तेमाल कुछ सालों तक नहीं करते हैं या जितने समय का लिमिट दिया होता है उतने समय तक आप उसका उपयोग नहीं करते हैं तो एनपीसीआई उस QR को वापस सरकार को भेज देती है।

जिससे कोई भी क्यूआर खराब नहीं होता है, क्यूआर के माध्यम से किया गया पेमेंट सबसे ज्यादा सुरक्षित पेमेंट होता है।

 

तो चलिए हम एक और उदाहरण से समझते हैं

मान लीजिए कि आप किसी विदेशी  कंपनी में काम करते हैं, तो उस कंपनी ने आपको किसी काम के लिए इंडिया भेज दिया और उस कंपनी ने आपको रहने के लिए किसी होटल का नाम दिया और उसका क्यूआर कोड दिया जो कि ₹20000 का था और आपने सोचा कि हम चलो किसी सस्ते होटल में रहके 10000 बचा लेंगे

पर ऐसा अब नहीं हो सकता है क्योंकि ई- रूपी के द्वारा जब कंपनी एक क्यूआर आपको देती है तो दूसरा क्यूआर उस होटल वाले को भी दिया जाता है ताकि जब आप उस होटल में जाओगे तो अपना क्यूआर उस से स्कैन करवाओ गे तभी उस QR से आपका पैसा कटेगा।

यदि आप उस QR को उस होटल में ना ले जाकर  दूसरे होटल  में ले जाएंगे तो जब वह आपका क्यूआर स्कैन करेगा तो उसे इनवेलिड बताएगा। इसका  मतलब है कि जिस होटल के लिए qr-code मिला होगा, उसी होटल में उसका यूज़ होगा दूसरे होटल में उसका यूज़ नहीं हो सकता है।

यह सारे क्यूआर कोड को  बनाने का जिम्मा बैंकों का होता है जो जो बैंक ई- रूपी से जुड़े होंगे।

इसके बहुत सारे फायदे हैं जोकि कुछ इस प्रकार से हैं

पहला इसमें हमें नेट की जरूरत नहीं होती है क्योंकि क्यूआर कोड तो हमारे पास पहले से ही होता है बस जो इस  स्कैन करने वाले को ही नेट की आवश्यकता होती है।

इसके लिए किसी एप्लीकेशन की जरूरत नहीं होती है पहले जब हम पैसा पेय करते थे तो हम बहुत से एप्लीकेशन का यूज करते हैं जैसे पेटीएम ,भीम ,यूपीआई, गूगल  पेय, और भी बहुत सारे एप्लीकेशन है जहां से हम पेमेंट करते हैं।

पर अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी इसमें किसी भी एप्लीकेशन की कोई जरूरत नहीं है इसमें सीधा आपको क्यूआर मिलेगा और सामने वाला दुकानदार आप का क्यूआर स्कैन करके पैसा ले लेगा।

तीसरा इसमें किसी भी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है जैसे आप कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करते हैं जैसे की पेटीएम या गूगल पे में रजिस्ट्रेशन किया जाता है तो आपको उसमें बिना रजिस्ट्रेशन किए पेमेंट नही कर सकते  है लेकिन इसमें ऐसी कोई बात नहीं है और इसमें किसी भी प्रकार की कोई लिमिट नहीं है आप इसमें कितना  भी पैसे का क्यूआर कोड बनाकर अपना काम कर सकते हैं।

इस तरह से आप देख सकते हैं कि अब इंडिया भी डिजिटल इंडिया के रूप में धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है इसमें सबसे ज्यादा योगदान है Jio का क्योंकि उन्होंने कुछ समय के लिए नेट को फ्री कर कर लोगों को डिजिटल चीजों का यूज करने के लिए मजबूर कर दिया है।

Conclusion

दोस्तो इस लेख में हमने पढा eRUPI क्या है कैसे काम करता है आशा करता हु आपको समझ आया होगा eRUPI क्या है कैसे काम करता है यदि हमारी दी गई जानकारी आपको पसंद आई हो तो इस लेख को लाइक शेयर और कमेंट जरुर करें अपने दोस्तों को शेयर करें और उन्हें बताएं कि ई- रूपी जो इंडिया में आ रहा है उसका आने वाले समय में क्या उपयोग हो सकता है।

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