Cloud Computing क्या है | क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करता है

 Cloud Computing क्या है | क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करता है

आज के इस लेख में हम जानेंगे क्लाउड कंप्यूटिंग क्या है, क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करती है, क्लाउड कंप्यूटिंग श्रेणियां, क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं ओर भी कुछ क्लाउड कंप्यूटिंग सम्बंधित।
आज के जमाने ने में हर कोही स्मार्टफोन को इस्तमाल करता है और उस स्मार्टफोन में अपने फोटोज, वीडियो, ओर भी डेटा को Store करता है।
लेकिन आपके स्मार्टफोन या कंप्यूटर में सीमित डेटा को Store करने की क्षमता होती है। क्यो की यह सारी information ओर Deta आपके स्मार्टफोन के हार्ड ड्राइव में स्टोर होती है, जिसकी की एक निर्धारित क्षमता होती है।
यह तो बात हुई एक व्यक्ति की अगर हम किसी कंपनी की बात करे तो किसी भी कंपनी को अपने Data को Store करने के लिए किसी बड़े Data Base ओर Servers की जरूरत होती है।
क्यो की हर कंपनी अपने डेटा को Secure ओर जादा से जादा store करना चाहती है। लेकिन कंपनी का डेटा किसी कंप्यूटर में store नही किया जा सकता क्यो की कंप्यूटर में इतनी क्षमता नही होती कि ओ इतने सारे डेटा को store कर सके।
इसी का समाधान निकल ने के लिए Cloud computing का आविष्कार किया गया। तो चलिए जानते है Cloud computing क्या है।
Cloud Computing क्या है | क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करता है

Cloud computing क्या है?

cloud computing को आसान भाषा मे जमजे तो यह एक Internet की जगा होती है जहाँपर आप अपने डेटा को सेव या store कर सकते हो।
जैसे कि आपको पता है कंपनी अपना डेटा किसी कंप्यूटर पे store नही कर सकती इसके लिए उस कंपनी को एक Server खरीदना पड़ता है जिसे लोकल सर्वर कहते है जिसमे ओ कंपनी अपना सारा डेटा सेव करती है।
लेकिन जब भी कंपनी सर्वर को खरीदती है तो उस Server का Mainten, Security Issue, Security Risk, Pisycal Risk ये सारा Company को Manage करना पड़ता है। जोकि एक सरदर्द हो सकता है।
तो इस सरदर्द को कम करने के लिए कंपन Remote Servers का इस्तमाल करती है। Remote Servers में ओ Servers किसी ओर के होते है यानी कि ओ Servers किसी Theard Party के होते है जिसे कंपनी खरीदती है और हर महीने या साल को उसका पेमेंट करती है।
Remote Servers Security Issue, Security Risk, Pisycal Risk ये सारा काम ओ तीसरा आदमी करता है यहतकी उस Servers की देख भाल भी ओ आदमी करता है। जिससे कंपनी को Servers की कोही फिकर नही करनी पड़ती।
कंपनी को सिर्फ उसे इंटरनेट के जरिये उस Servers में Access करना होता है, ओर अपना डेटा को स्टोर करना होता है। एक बार अपने उसे Access किया तो आप अपने डेटा को स्टोर कर सकते हो अपने डेटा को Access कर सकते हो और अपने डेटा को Mannage कर सकते हो।
उदाहरण लेकर जमजे, तो मान लीजिए आप एक App Developer हो और अपने एक App बना रहे हो जिसमें हर कोही अपना एक Acount बना सकता है Facebook की तरा।
तो इसके लिए आपको एक Data Base चाहिये होगा जिसमें आपके App का ओर उसपर upload हुए सारे Post, Photos, Videos का Data उस Data Base में Store किया जयगा। ये data base आप अपना बना सकते हो याफिर किसी दूसरे कंपनी से ले सकते हो।
ये data base सीधा आपके कंपनीके के सर्वर से कनेक्ट रहता है और इसे आप कहासे भी acces कर  सकते हो क्यो की ये सारा internet पर store रहता है।
तो आशा करता हु आपको Could Computing क्या है समज आया होगा अगर आपको कोही भी सवाल है तो आप नीचे दिए गए Comment बॉक्स में पूछ सकते हो।
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क्लाउड कंप्यूटिंग के मॉडल्स Cloud Computing Models

Infrastructure As A Service (IAAS)

IAAS में आपको Service Provider पूरा एक Infrastructure देता है जिसमे आप अपने मरजीके हिसाबसे उसे customize कर सकते है। इस Service में Server का पूरा Control आपके हात में होता है।
Server में कोनसा operating system होना चाहिए ये आपके हात में होता है ओर सात ही सात आपको Virtual Machine ओर Storage भी Provide किया जाता है। आपको एक IP Address भी Provide किया जाता है।
यानी कि आपको Infrastructure As A Service में Server का पूरा Control ओर Freedom मिलता है।
उदाहरण के लिए मानते है एक घर है और उस घर का मालिक उस घर को एक लड़के को भाड़ेपर दे देता है। इस मे घर के मालिक ने सिर्फ उसे एक घर दे दिया है यानी कि 4 दीवारे वाला एक बॉक्स दे दिया है।
ओर उस घर को कैसे इस्तमाल करना है ये उस लड़के के ऊपर है। यानी कि ओ लड़का उस घर मे कोनसा भी TV लगा सकता है। अपने हिसाबसे घर को साफ और अच्या रख सकता है यानी कि अब घर को कैसे इस्तमाल करना है ये सारा Control उस लड़के के पास है।
घर के मालिक को आप Could Server Provider को समझ सकते हो और उस लड़के को आप उस Service खरीदने वाला coustemer समज सकते हो।

Software As A Service (SAAS)

Basically इस Service का इस्तमाल जादातर End Users करते है। जिनको Cloud computing के बारेमे ज्यादा पता नही है तो उनके लिए ये Service बोहत कम आती है।
Software As A Service में आपको एक Software दिया जाता है जिसके Service को इस्तमाल करके आप उस Server को Control कर सकते हो।
Software As A Service में आपको जादा कुछ Technical देख ना नही पड़ता है। आपका डेटा कैसे स्टोर हो रहा है, डेटा secure है या नही ये सब आप को देखना नही पड़ता। इस मे सिर्फ आपको Software का इस्तमाल करके Servers को Control करना होता है।
उदाहरण के लिए मानते है आपने Online Food Order किया है तो आपको ये पता लगने की आवश्यकता नही होती है कि कहासे ओ खना आरहा है कोंन ला रहा है खाना कैसे बना है खना को बना रहाहै। आपको सिर्फ उस Order से मतलब होता है आपका आर्डर सही समय पर आना चाहिए।
इसी तरा Software As A Service में आपके सिर्फ Software का इस्तनाल करके आप अपना काम कर सकते हो।

Platform As A Service (PAAS)

Platform As A Service को जादा तर developers इस्तमाल करते है। Platform As A Service में आपको Software As A Service से जादा Access मिलता है ओर Infrastructure As A Service से कम Access करने को मिलता है। इस Service में आपको सिर्फ User Interface की ही Access मिलती है।
Platform As A Service में Service Provider द्वारा कुछ Tools के साथ एक Platform प्रदान किया जाता है जो कि एक developer के बोहत काम आते है।
Platform As A Service में developer App बना सकता है और उस App को उसही Cloud में Host करता है।
इस Service में समय समय पर हर tool को upgrade किया जाता है इसी कारण ये Service एक Software Developer, App Developer ओर एक Business man के लिए बोहत फायदेमंद हो सकती है।

Cloud Computing के प्रकार | Types Of Cloud Computing

Public Cloud Service

Public Cloud Service सब के लिए Open राहती है यानी कि ये Service कोही भी इस्तमाल कर सकता है। इस Service में सारा Management Cloud Service Provider द्वारा किया जाता है।
कहि बार ये Service बिलकूल Free रहती है और कही बार इस Service का काम Charge किया जाता है।
Microsoft Azure, AWS ये Public Cloud Service के उदाहरण है।

Private Cloud Service

जैसे कि नाम से ही पता चल रहा है Private Cloud Service एक Privately इस्तमाल किए जानी वाली Service है।
इस Service को जादातर एक Organization इस्तमाल करती है, जोकि अपने डेटा को Private रखना जानती है।
Private Cloud Service में क्लाउड सर्विस का पूरा Managment उस Service का Coustemer यानी कि ओ Organization करती है।

Hybrid Cloud Service

जो Organization या फिर Company, Private Cloud Service ओर Public Cloud Service इन दोनों ही Service का इस्तमाल करती है तो उस Service को Hybrid Cloud Service कहा जाता है।
अगर आसान भाषा मे जमजे तो Hybrid Cloud Service ये Public Cloud Service ओर Private Cloud Service ये दोनों का मिश्रण है।

Conclusion

आष्या करता हु आपको कंप्यूटिंग क्या है, क्लाउड कंप्यूटिंग कैसे काम करती है, क्लाउड कंप्यूटिंग श्रेणियां, क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं ओर भी कुछ सब समज आया होगा इस लेख में पूरी आसान और सीधे हिंदी भाषा मे समजाया गया है और अगर आपको कुछ समझ नही आया या फिर कुछ सवाल पूछना है तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिख सकते हो धन्यवाद।

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